पंजाब सरकार ने मार्च-अप्रैल 2026 में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के लिए 123.28 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज मंजूर किया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियान के नेतृत्व में 22 अप्रैल 2026 को यह ऐलान किया.
111 गांवों में 92,695 एकड़ क्षेत्र में गेहूं, चना, सरसों, सब्जियों समेत सभी प्रकार की फसलों को 26% से 100% तक नुकसान हुआ. सबसे ज्यादा प्रभावित फजील्का (44.24 करोड़) और श्री मुक्तसर साहिब (43.01 करोड़) रहे. बठिंडा (22.83 करोड़), मोगा (7.73 करोड़) भी बड़े प्रभावित जिलों में शामिल हैं.
यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किसानों के बैंक खातों में 15-30 दिनों में भेजी जाएगी. इस विस्तृत गाइड में जिला-वार राहत राशि, आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और सभी जानकारी दी गई है.
नुकसान के स्तर के अनुसार मुआवजा
| नुकसान प्रतिशत | प्रभावित क्षेत्र | जिले | प्रति हेक्टेयर मुआवजा |
|---|---|---|---|
| 26%-32% | 992 एकड़ | सभी | ₹5-10 लाख |
| 33%-75% | 61,115 एकड़ | फजील्का, मुक्तसर | ₹15-30 लाख |
| 76%-100% | 30,588 एकड़ | बठिंडा, मोगा | ₹40 लाख+ |
कुल प्रभावित क्षेत्र: 92,695 एकड़ | कुल मुआवजा: ₹123.28 करोड़
जिला-वार राहत राशि वितरण
| जिला | प्रभावित क्षेत्र | मंजूर राशि | प्रभावित गांव |
|---|---|---|---|
| फजील्का | 30,000+ एकड़ | ₹44.24 करोड़ | 40+ |
| मुक्तसर साहिब | 25,000 एकड़ | ₹43.01 करोड़ | 35 |
| बठिंडा | 15,000 एकड़ | ₹22.83 करोड़ | 20 |
| मोगा | 8,000 एकड़ | ₹7.73 करोड़ | 10 |
| अमृतसर | 5,000 एकड़ | ₹5.26 करोड़ | 8 |
| फिरोजपुर | 500 एकड़ | ₹17.10 लाख | 3 |
| रूपनगर | 100 एकड़ | ₹1.35 लाख | 2 |
मुआवजा पाने की पूरी प्रक्रिया (H2)
स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन प्रक्रिया
चरण 1: नजदीकी तहसीलदार/नायब तहसीलदार कार्यालय में गिरदावरी आवेदन करें।
चरण 2: निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करें:
– खसरा नंबर/जमाबंदी
– ओलावृष्टि के फोटो/वीडियो
– बीज/खाद खरीद बिल
– बैंक पासबुक कॉपी
चरण 3: नुकसान का प्रतिशत (26%-100%) दर्ज करें।
चरण 4: 7 दिनों में गिरदावरी टीम खेत का निरीक्षण करेगी।
चरण 5: 15-30 दिनों में DBT से बैंक खाते में राशि आएगी।
हेल्पलाइन नंबर: 1076 (राजस्व विभाग) या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
- खसरा/खतौनी नकल (जमाबंदी)
- ओलावृष्टि के फोटो (खेत का हालात)
- बीज/खाद बिल (नुकसान साबित)
- बैंक पासबुक (DBT के लिए)
- आधार कार्ड
- वोटर ID/PAN (पहचान पत्र)
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
मुआवजा पाने के लिए:
- नुकसान 26% से अधिक होना चाहिए
- पंजाब के निवासी किसान (डोमिसाइल)
- सभी प्रकार की फसलें (गेहूं, चना, सरसों, सब्जियां)
- छोटे-बड़े सभी किसान (कोई सीमा नहीं)
अयोग्य:
- सरकारी जमीन पर खेती
- 25% से कम नुकसान
- मरम्मत की गई फसलें
राहत पैकेज के फायदे (Benefits)
राहत राशि मिलने से किसानों को कई लाभ होंगे. सबसे पहले कटाई के नुकसान की भरपाई हो जाएगी। दूसरा अगली बुआई के लिए पूंजी मिलेगी। तीसरा कर्ज चुकाने में आसानी होगी। चौथा खेती जारी रखने का आत्मविश्वास बढ़ेगा। पांचवा परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
विशेष लाभ:
- तत्काल DBT: 15-30 दिनों में बैंक में
- नुकसान के अनुपात में मुआवजा
- बीमा क्लेम के साथ अतिरिक्त सहायता
- कोई ब्याज/कमीशन नहीं
चुनौतियाँ और समाधान (Cons & Solutions)
| समस्या | कारण | समाधान |
|---|---|---|
| गिरदावरी में देरी | कर्मचारी कमी | तहसीलदार को फॉलो-अप |
| कम मुआवजा | गलत आकलन | जिला मजिस्ट्रेट को अपील |
| बैंक लिंकिंग समस्या | जन धन अनलिंक्ड | आधार से बैंक लिंक करें |
| दस्तावेज अस्वीकार | अधूरी फाइल | सभी दस्तावेज पूर्ण रखें |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: आवेदन कब तक करना है?
उत्तर: गिरदावरी टीम आने तक तुरंत करें।
प्रश्न 2: न्यूनतम नुकसान कितना होना चाहिए?
उत्तर: 26% से अधिक (25% पर मुआवजा नहीं)।
प्रश्न 3: राशि कब खाते में आएगी?
उत्तर: 15-30 दिनों में DBT से।
प्रश्न 4: गिरदावरी टीम कब आएगी?
उत्तर: आवेदन के 7 दिनों में।
प्रश्न 5: हेल्पलाइन नंबर क्या है?
उत्तर: 1076 या जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय।
प्रश्न 6: सभी फसलों पर मुआवजा मिलेगा?
उत्तर: हाँ, गेहूं, चना, सब्जियां सब पर।
प्रश्न 7: छोटे किसानों को भी मिलेगा?
उत्तर: हाँ, कोई न्यूनतम क्षेत्र सीमा नहीं।
प्रश्न 8: अपील प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: जिला मजिस्ट्रेट को 15 दिनों में आवेदन।
प्रश्न 9: बीमा के साथ दोगुना लाभ?
उत्तर: हाँ, दोनों अलग-अलग मिलेंगे।
प्रश्न 10: स्टेटस कैसे चेक करें?
उत्तर: तहसीलदार कार्यालय या PM-KISAN पोर्टल।
निष्कर्ष
पंजाब सरकार का 123.28 करोड़ का राहत पैकेज ओलावृष्टि पीड़ित शेतकऱ्यांसाठी वरदान आहे. फजील्का, मुक्तसर, बठिंडा के किसान तुरंत तहसीलदार कार्यालय में आवेदन करें। सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और गिरदावरी टीम का इंतजार करें।


